
बैरिया (बलिया)। क्षेत्र के मानिक छपरा मिर्जापुर गांव में छत पर सूखने के लिए कपड़ा फैलाने गई गायत्री देवी 55 वर्ष पत्नी स्वर्गीय रामबली वर्मा को बंदर ने दौड़ा दिया जिससे वह असंतुलित होकर छत से गिर गई। इससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
शनिवार को गायत्री देवी घर के कपड़ों को धोकर सूखने के लिए छत पर फैलाने गई थी की छत पर पहले से बैठे बंदर ने उन्हें दौड़ा लिया। जिससे वह छत से नीचे गिर गई, और गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पहुंचाया। जहां से चिकित्सकों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान बुधवार की देर शाम गायत्री देवी की मौत हो गई।
बृहस्पतिवार को उनका शव वाराणसी से गांव आने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिवार अत्यंत ही गरीब है, दो बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है। तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो गायत्री देवी के निधन के बाद अनाथ हो गए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा गायत्री देवी का अंत्येष्टि गंगा तट पर बृहस्पतिवार को किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा गांव बन्दरों के आतंक से परेशान है। बंदरों को पकड़वाने के लिए बन विभाग व तहसील के अधिकारियों से कई बार आग्रह किया गया किन्तु कोई कार्रवाई नही हुई।

