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Ballia : एमडीएम में 13.71 लाख की वित्तीय अनियमितता, प्रधानाचार्य व डीसी पर एफआईआर

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जांच में छात्र संख्या और एमडीएम पंजिका में बड़ा अंतर, विद्यालय में नहीं मिले रसोई गैस, राशन और बर्तन
बलिया।
बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के इंटरमीडिएट कॉलेज ताजपुर मुड़ियारी में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में वित्तीय अनियमितता के मामले में मनियर पुलिस ने प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय और जिला समन्वयक (एमडीएम) अजीत पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी मनियर अनूप कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


तहरीर के अनुसार जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट में दोनों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। आरोप है कि एमडीएम मद की 13 लाख 71 हजार 573 रुपये की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग/गबन, धोखाधड़ी और फर्जी नामांकन से संबंधित अनियमितताएं सामने आई हैं।
मामले की शिकायत कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने 28 जुलाई को जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद जिला विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की दो सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति ने पांच अगस्त को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया और सात अगस्त को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी।

449 बताए छात्र, पोर्टल पर सिर्फ 68 का नामांकन
जांच के दौरान कक्षा छह से आठ तक की छात्र संख्या में बड़ा अंतर मिला। विद्यालय प्रबंधन ने इन कक्षाओं में कुल 449 छात्र बताए, जबकि यू-डायस पोर्टल पर कक्षा छह में सात, कक्षा सात में 37 और कक्षा आठ में 24 छात्र ही दर्ज मिले। यानी पोर्टल पर कुल 68 छात्रों का नामांकन था।
एमडीएम पंजिका में अप्रैल में प्रतिदिन औसतन 271 से 275 और मई में 272 से 275 छात्रों को भोजन दिए जाने का उल्लेख मिला। वहीं पांच अगस्त तक पंजिका में किसी छात्र की उपस्थिति दर्ज नहीं थी, जबकि आईवीआरएस कॉल में एक, तीन और चार अगस्त को 199 छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी।

निरीक्षण में नहीं मिले गैस सिलेंडर और राशन
निरीक्षण के दौरान कक्षा छह, सात और आठ संचालित होती नहीं मिलीं। प्रधानाचार्य ने छुट्टी की बात कही, लेकिन सक्षम अधिकारी के आदेश की जानकारी नहीं दे सके। कक्षों में डेस्क-बेंच अव्यवस्थित और ब्लैक बोर्ड खाली मिले। विद्यालय में एमडीएम बनाने के लिए गैस सिलेंडर, राशन, बर्तन, थालियां और रसोइया तक नहीं मिले। किचन शेड भी क्रियाशील नहीं पाया गया।

दो वर्षों में 13.71 लाख रुपये का भुगतान
जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमडीएम मद में 7,30,904 रुपये और 2025-26 में 6,40,669 रुपये का भुगतान हुआ। दोनों वर्षों में कुल 13,71,573 रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया। जिलाधिकारी ने बीएसए को संबंधित लोगों से नियमानुसार वसूली, विभागीय कार्रवाई और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। मनियर एसओ अजय त्रिपाठी ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।

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