
शिवदयाल पांडेय मनन,
बैरिया (बलिया)। सुरेमनपुर उत्तरी दियराचंल के वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर गांव के सामने सरयू नदी में कटान तेज होने के कारण इन दोनों गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गयी है। लोग अपने मकान के अस्तित्व को लेकर के काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। सरयू नदी की दूरी गोपाल नगर वशिष्ठ नगर सिवान पर बस्ती से महज 25 मीटर रह गई है। जबकि जल स्तर में वृद्धि के कारण निचले इलाके में पानी भरना शुरू हो गया है।
वशिष्ठ नगर के दर्जनों लोगों का मकान कटान के मुहाने पर पहुंच गया है। जिसमें लाल जी साहनी, शिवकुमार प्रसाद, पिंटू यादव, परमहंस यादव, हरिकिशन व रामदुलार का मकान बिल्कुल कटान के मुहाने पर आ गया है। इनके मकान कभी भी सरयू नदी में समाहित हो सकते हैं। इस बीच उक्त गांव के लोगों ने बाढ़ विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि हम लोग मान बैठे हैं कि इस बार उक्त दोनों गांवो के मकान सरयू नदी में विलिन होंगे ही होंगे। ग्रामीणों का कहना था कि जब पानी अधिक हो जाता है और कटान तेज हो जाता है तो कटान रोकने की नौटंकी करके सरकारी धन की लुट खसोट व्यापक स्तर पर की जाती है।
ऐसा लगभग पिछले एक दशक से हो रहा है। करोड़ों रुपए कटान के नाम पर खर्च होने के बावजूद लगभग 200 घर गोपाल नगर टाड़ी में सरजू नदी में विलीन हो चुके हैं। जो स्थिति बन रही है। उससे ऐसा लग रहा है कि गोपाल नगर टाड़ी की तरह ही वशिष्ठ नगर व गोपाल नगर की भी स्थिति होगी।
ग्रामीणों ने बताया…
गोपाल नगर गांव निवासी पूर्व प्रधान अर्जुन यादव, सुनील यादव, निर्मल यादव,बिलर यादव, राम प्रकाश यादव, जय नारायण यादव, पप्पू यादव, चंद्रदेव यादव का कहना है कि बार-बार के आग्रह के बावजूद हम लोगों की सुधि लेने के लिए ना तो मौके पर हमारे सांसद जी आए ना हमारे विधायक जी आए। जबकि दोनों लोगों के पास कई बार फोन किया जा चुका है। ऐसे में हम लोग किसको क्या कहें। समझ में नहीं आ रहा है। कुल मिलाकर शासन प्रशासन जनप्रतिनिधि कोई भी कटान के प्रति गंभीर नहीं है।

