
रसड़ा (बलिया)। कोतवाली क्षेत्र के नगहर गांव में बुधवार देर शाम 30 वर्षीय विवाहिता अमृता सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष ने विषाक्त पदार्थ के सेवन से मौत होने का दावा किया है, जबकि मायके पक्ष ने दहेज के लिए गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति, सास-ससुर समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नगहर गांव निवासी अतुल सिंह की पत्नी अमृता सिंह की बुधवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा ले गए, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें मऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। ससुराल पक्ष का कहना है कि अमृता ने आवेश में आकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। वहीं, गड़वार निवासी मृतका के भाई अमित सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि दो जून 2017 को हुई शादी के बाद से ही उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।
उन्होंने बताया कि हत्या से एक दिन पहले बहन की पिटाई की गई थी, जिसकी तस्वीर उसने उन्हें भेजी थी। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने अमृता की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति अतुल सिंह, ससुर शंभुनाथ सिंह, सास आशा सिंह, भसुर चंचल सिंह, देवर हरि सिंह, रानू सिंह, भतीजा आयुष सिंह, देवरानी पूनम और जूही के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

