
बलिया। पंचांग के अनुसार साल 2026 में मलमास की शुरुआत 17 मई 2026 से होगी जो 15 जून 2026 तक रहेगा। अर्थात इस साल ज्येष्ठ का महीना 30 नहीं बल्कि 60 दिनों का होगा। इस पूरे समय को अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाएगा। लगभग एक महीने तक चलने वाला यह काल मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं रहेगा इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। क्योंकि इस दौरान किए गए शुभ कार्य अपेक्षित फल नहीं देते।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि मलमास के कारण साल 2026 में हिंदू कैलेंडर में 12 की जगह 13 महीने होंगे, जो इसे एक खास और दुर्लभ वर्ष बनाएगा। भले ही इसमें भौतिक मांगलिक कार्य वर्जित हों, लेकिन आत्म-कल्याण और ईश्वर की भक्ति के लिए इससे उत्तम समय कोई दूसरा नहीं है।
इसलिए इस अवधि में ज्यादा से ज्यादा पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य करना आध्यात्मिक रूप से उत्तम होगा।इस मास में ग्रह दोष की शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करना सबसे श्रेष्ठ रहेगा। पवित्र नदियों में स्नान और पुरुषोत्तम मास की कथा का श्रवण करना मोक्षदायक रहेगा।

