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Ballia : कुदरत का कहर : नेपाल की बाढ़ में रसड़ा के चौरसिया परिवार का सब कुछ तबाह

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जान बचाकर घर लौटे भाई, चार दुकानें, गोदाम, वाहन, नकदी और जेवर सब बह गए
शिवानंद वागले,
रसड़ा (बलिया)।
नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी तबाह कर दी। इस जलप्रलय की चपेट में बलिया जनपद के रसड़ा कस्बे के पुरानी मस्जिद वार्ड नंबर-15 निवासी चौरसिया परिवार भी आ गया। पिछले करीब 40 वर्षों से नेपाल के त्रिशूली बाजार में व्यवसाय कर रहे पन्नालाल चौरसिया और उनके भाई अशोक चौरसिया किसी तरह अपनी जान बचाकर शनिवार की सुबह करीब नौ बजे रसड़ा पहुंचे। घर पहुंचने के बाद अशोक चौरसिया ने नेपाल की भयावह स्थिति की दास्तान सुनाई तो हर कोई स्तब्ध रह गया। उन्होंने बताया कि बाढ़ इतनी भयावह थी कि संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस आपदा में उनकी भाभी और भतीजा बाढ़ के पानी में बह गए। भाभी का शव बरामद हो गया है, जबकि भतीजे का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।


अशोक चौरसिया के मुताबिक बाढ़ में उनकी चार दुकानें, कपड़ों का गोदाम, कार और स्कूटी पूरी तरह बह गईं। काठमांडू जाने के लिए बैंक से निकाले गए करीब 13 लाख रुपये और घर में रखे लगभग 52 तोले सोने के आभूषण भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए। देखते ही देखते वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया कारोबार और जीवनभर की जमा पूंजी खत्म हो गई।
अशोक ने भावुक होकर बताया कि त्रिशूली बाजार में उनकी प्रतिष्ठित दुकानें थीं, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि उनके पास पहनने तक के कपड़े नहीं बचे। उन्हें दूसरों से कपड़े मांगकर पहनने पड़े। उन्होंने कहा कि नेपाल में हुई तबाही का मंजर इतना भयावह है कि अब दोबारा वहां जाने की कल्पना से भी डर लगता है। इस बाढ़ ने उनके परिवार को रातों-रात सड़क पर ला दिया।

पीड़ित परिवार से मिले नगर पालिका अध्यक्ष
चौरसिया परिवार के रसड़ा पहुंचने की सूचना मिलते ही आदर्श नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनय शंकर जायसवाल अपने साथियों के साथ पुरानी मस्जिद वार्ड नंबर-15 स्थित उनके आवास पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा। परिवार ने नेपाल में हुई तबाही और अपने नुकसान की पूरी जानकारी अध्यक्ष को दी। परिवार की पीड़ा सुनकर विनय शंकर जायसवाल भावुक हो गए। उन्होंने पीड़ित भाइयों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि कुदरत ने जो कहर बरपाया, उसे वापस तो नहीं किया जा सकता, लेकिन अब परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। शासन-प्रशासन के स्तर पर हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के पुत्र प्रिंस यूकेश सिंह और रमेश सिंह से भी बातचीत कर प्रदेश सरकार तक पीड़ित परिवार की बात पहुंचाई जाएगी, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके और उनके उजड़े जीवन को दोबारा संवारने में मदद की जा सके। पीड़ित परिवार ने भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन से भी आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।

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