
रोशन जायसवाल,
बलिया। देश की गुलामी के वक्त से जापलिनगंज और ओक्डेनगंज पुलिस चौकी स्थापित है। अंग्रेज अफसरों के नाम से जापलिन और ओक्डेनगंज का उस समय नामकरण किया गया। देश की आजादी से अब तक दोनों पुलिस चौकी ओक्डेनगंज और जापलिनगंज के नाम से ही चल रही है। इधर पिछले दिनों से जापलिनगंज पुलिस चौकी का नाम बदलकर सतीश चंद्र कालेज पुलिस चौकी कर दिया गया।

अब तक यह मांग उठने लगी कि ओक्डेनगंज पुलिस चौकी का नाम बदलकर सेनानी उमाशंकर सोनार के नाम से किय जाए। हालांकि यह मांग कोई नई नहीं बल्कि पुरानी है। आज भी ओक्डेनगंज चौराहे पर सेनानी उमाशंकर सोनार की आदमकद प्रतिमा लगी है। इतिहास यह बताता है कि अंग्रेजों ने सेनानी उमाशंकर पर पुलिस चौकी के सामने जमकर कोड़े बरसाए थे उन्हें तरह तरह की यातनाएं दी गई थी। इस लिए इसकी मांग हो रही है।

