
2001 में बलिया आए तो बने गुजरात के सीएम, 2014 में लोकसभा चुनाव में आए तो बने पीएम
रोशन जायसवाल,
बलिया। बलिया का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ाव एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 2001 में बापू भवन से शुरू हुआ राजनीतिक जुड़ाव, वर्ष 2014 में माल्देपुर की ऐतिहासिक जनसभा और वर्ष 2016 में उज्ज्वला योजना के शुभारंभ तक पहुंचा। अब वर्ष 2026 में बलिया के सुरहाताल को रामसर साइट का दर्जा मिलने से जिले का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है।
अक्टूबर 2001 में नरेंद्र मोदी बलिया के क्रांति मैदान (बापू भवन) में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसके कुछ समय बाद उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के प्रचार के दौरान उन्होंने बलिया के माल्देपुर मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। रैली के दो दिन बाद आए चुनाव परिणाम में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने।

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी एक मई 2016 को तीसरी बार बलिया पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना के माध्यम से देश के गरीब परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने की पहल शुरू हुई।
बलिया के राजनीतिक गलियारों में अक्सर चर्चा होती है कि वर्ष 2001 में मुख्यमंत्री बनने और वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी की दोनों महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्राओं का संबंध बलिया से जुड़ा रहा। इसी कारण कई लोग इसे प्रतीकात्मक रूप से ‘बलिया में मोदी का भाग्योदय’ भी कहते हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने के पीछे वास्तविक कारण राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक परिस्थितियां, संगठनात्मक निर्णय और चुनावी जनादेश रहे हैं। अब सुरहाताल को रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद बलिया का यह जुड़ाव पर्यावरण और वैश्विक पहचान के क्षेत्र में भी नई उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

