
रोशन जायसवाल,
बलिया। 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बलिया जिले के पांच सीटों पर जीत जीत हासिल नहीं कर पाई। जबकि 2017 के चुनाव में बीजेपी ने बलिया जिले के कुल सात विधानसभाओं में से पांच विधानसभाओं में जीत का परचम लहराया था। बैरिया से सुरेंद्र सिंह, सिकंदरपुर से संजय यादव, बिल्थरारोड से धनंजय कन्नौजिया, फेफना से उपेंद्र तिवारी व बलिया से आनंद स्वरूप शुक्ला ने जीत हासिल की थी। वहीं 2022 के चुनाव में फेफना विधानसभा, बैरिया, बिल्थरारोड, सिकंदरपुर और रसड़ा पांच सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। जहां बलिया नगर विधानसभा सीट से अब तक के इतिहास में एक लाख से उपर मत पाकर दयाशंकर सिंह विधायक बनेे, वहीं निषाद पार्टी और बीजेपी गठबंधन में केतकी सिंह विधायक बनीं।
ऐसे में अब बीजेपी सातों विधानसभा सीटों पर जीत के लिए रणनीति बना रही है। किस सीट से किस जाति का उम्मीदवार फिट बैठेगा, इस पर विशेष फोकस कर रही है। ब्राह्मण, भूमिहार, क्षत्रिय और ओबीसी व दलित को बीजेपी प्राथमिकता में लेकर चल रही है। मार्च 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है लेकिन चुनाव आयोग की तैयारी नवंबर-दिसंबर से शुरू हो जाएगी। ऐसे में नवववर्ष 2027 बीजेपी उम्मीदवारों के लिए एक बेहतर अवसर हो सकता है। वैसे सभी सीटों पर दावेदारों की संख्या अधिक देखी जा रही है। सबसे ज्यादा प्रत्याशी बैरिया विधानसभा से क्षत्रिय समाज से है।
इसके अलावा बिल्थरारोड से भी कई दावेदार टिकट की दौड़ में हो सकते है। यहां से पहली बार बीजेपी 2017 में जीती थी और पहले विधायक धनंजय कन्नौजिया बने थे। वहीं सिकंदरपुर से भी बीजेपी पहली बार जीती थी और यहां से संजय यादव विधायक बने थे। 2027 के लिए बलिया के सातों सीट 403 विधानसभाओं पर भारी पड़ सकता है। क्योंकि बलिया जिले में सात विधानसभा है और भाजपा का मिशन 2027 पर बलिया का सात सीट चर्चाओं में रहेगा क्योंकि सात अंक बलिया से ही मिलेगा, क्योंकि यह धरती ऋषि मुनियों, क्रांतिकारियों और महापुरूषों की है।

