शिकायतकर्ता का आरोप
एक डॉक्टर की संबद्धता समाप्त, कई चिकित्सक अब भी मूल तैनाती से अलग कर रहे काम
बलिया। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्सकों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें मूल तैनाती स्थल पर कार्य करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद आदेश के समान रूप से पालन न होने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में अमित सिंह ने शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और सभी चिकित्सकों की वास्तविक तैनाती स्पष्ट करने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि 21 मई 2026 की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में संबद्धता समाप्त कर चिकित्सकों को उनकी मूल तैनाती स्थल पर कार्य करने का निर्देश दिया गया था। आरोप है कि जनपद में इस आदेश का समान रूप से पालन नहीं हो रहा है और केवल डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर के प्रकरण में संबद्धता समाप्त की गई, जबकि कई अन्य चिकित्सक अब भी संबद्ध होकर अपने मूल तैनाती स्थल से अलग कार्य कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि शासन द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर एसीएमओ स्तर के कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि सीएमओ कार्यालय में पर्याप्त संख्या में एसीएमओ पहले से तैनात होने का दावा किया गया है।
रसड़ा में आदेश का पालन, दूसरे ब्लॉकों में अलग व्यवस्था का आरोप
शिकायत में 24 जून 2026 की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएचसी को प्रशासनिक इकाई बनाए जाने संबंधी निर्णय का भी उल्लेख है। आरोप है कि इसका पालन मुख्यतः रसड़ा ब्लॉक में किया जा रहा है, जबकि अन्य ब्लॉकों में समान व्यवस्था लागू नहीं है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि चिकित्सकों की मूल तैनाती और वर्तमान संबद्धता की सूची सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जाए तथा यदि किसी संबद्धता के संबंध में शासनादेश के विपरीत आदेश पारित हुआ है तो उसकी कार्रवाई रोकी जाए।
