
बलिया। जनपद का महत्वाकांक्षी कटहल नाला सुंदरीकरण प्रोजेक्ट अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद रामपुर महावल से परमंदापुर तक दोनों किनारों पर पाथवे निर्माण के लिए समतलीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी अब ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जा रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि नाले के किनारे लगे जर्जर बिजली के खंभों को तत्काल चिन्हित कर हटाया जाए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान या भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
करीब दो किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में अब तक लगभग 1.5 किलोमीटर हिस्से में कार्य पूरा किया जा चुका है। योजना के तहत नाले के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग, जियो सेल मेंबरिंग सिस्टम, सरफेस पार्किंग, आकर्षक लैंडस्केपिंग, फसाद लाइटिंग और सोलर लाइट लगाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यहां ‘मियावाकी फॉरेस्ट’ भी विकसित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जल निगम (नगरीय) की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस (कन्स्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) के साथ प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रमुख सिविल कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में कार्य बाधित नहीं होना चाहिए।
समीक्षा बैठक के दौरान सीएनडीएस के अधिकारियों ने फोटोग्राफ्स और अभिलेखों के माध्यम से अब तक की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने सिंचाई, बिजली और नगर विकास विभाग के अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा होगा कार्य
इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने बताया कि कटहल नाला सुंदरीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। समतलीकरण लगभग अंतिम चरण में है। निर्धारित समय सीमा में हर हाल में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

