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Ballia : “घेरा डालो-डेरा डालो” आंदोलन के तहत बांसडीह तहसील का घेराव, प्रदर्शनकारियों ने किया जोरदार प्रदर्शन

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बांसडीह (बलिया)। गोंड जनजाति के छात्र-नौजवानों ने सोमवार को “घेरा डालो-डेरा डालो” आंदोलन के तहत बांसडीह तहसील का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। 28 मार्च को गांव-गांव में हुई नुक्कड़ सभाओं का असर सोमवार को साफ देखने को मिला, जब सैकड़ों की संख्या में लोग अंबेडकर तिराहे पर जुटे और वहां से जुलूस निकालकर तहसील परिसर पहुंचे।

सुबह करीब 11 बजे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तिराहे से निकला जुलूस नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचा, जहां यह धरने में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने शासनादेश 3 नवंबर 2021 का हवाला देते हुए गोंड जनजाति के जाति प्रमाण पत्र निर्बाध रूप से जारी करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्वांचल छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ ने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बांसडीह तहसील में आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिलेखों में गोंड दर्ज होने के बावजूद प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे छात्र-नौजवानों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।


उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में छात्रवृत्ति, सरकारी भर्तियों और अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को तहसील से आगे जिला और प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद बार-बार उन्हें निरस्त कर दिया जा रहा है। भूमिहीन आवेदकों के मामलों में भी शासन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है।

प्रदर्शन में इनकी रही उपस्थिति
प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी अभिषेक प्रियदर्शी को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी धरने पर डटे हुए थे।आंदोलन में नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’, अरविंद गोंडवाना, मनोज शाह, उमाशंकर गोंड, विनय गोंड, लल्लन गोंड, विजय शंकर गोंड, हरिकृष्ण गोंड, हरेंद्र गोंड, चंदन गोंड, गणेश गोंड, राहुल गोंड समेत बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान और ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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