बलिया। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को रविवार को उनके पैतृक गांव गोसाईंपुर में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते गांव और आसपास के इलाकों में हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। गांव की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक हर तरफ लोगों का हुजूम नजर आया।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के कारण गोसाईंपुर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों को रास्ते में ही छोड़कर पैदल गांव तक पहुंचे। हर कोई अपने प्रिय नेता की अंतिम झलक पाने को आतुर दिखा। गांव में माहौल गमगीन रहा और लोगों की आंखें नम नजर आईं।

रामगोविंद चौधरी के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और जनप्रतिनिधि भी गोसाईंपुर पहुंचे। इसके बाद रामगोविंद चौधरी की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को विदाई दी। गांव के समीप सरयू नदी के तट पर स्थित श्मशान घाट पर विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके इकलौते पुत्र रंजीत चौधरी ने मुखाग्नि दी।
