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Ballia : 14 साल से फरार 50 हजार का इनामी हत्यारोपी गुवाहाटी से गिरफ्तार, पुलिस वर्दी में की थी प्रधान की पत्नी की हत्या

बलिया। एसटीएफ की टीम ने बलिया के सहरसपाली निवासी 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गुवाहाटी से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर प्रधान की पत्नी समेत दो लोगों की हत्या की थी। आरोपी ने भाई की हत्या के शक में वारदात की थी। वह उग्रवादी संगठन के कुख्यात सीताराम उर्फ धनु के संरक्षण में अपराध करता था।
एसटीएफ ने 50 हजार रुपये के इनामी बलिया के सहरसपाली निवासी हत्यारोपी राजकुमार वर्मा को असम के गुवाहाटी वशिष्ठ थाना क्षेत्र में बकरा पाड़ा रोड से गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2012 से फरार चल रहा था। राजकुमार वर्मा बलिया के सहतवार थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। एसटीएफ निरीक्षक अमित श्रीवास्तव ने नेतृत्व में टीम ने गुवाहाटी में गिरफ्तार किया।
वर्ष 2007 में उसने दुकानदारी के विवाद में अपने गांव के माधव ठाकुर के परिवार को पीटा था। वर्ष 2008 में उसने रंजिश में जयंत ठाकुर को गोली मारी थी। हालांकि जयंत ठाकुर बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद उसके भाई की हत्या हो गई थी। राजकुमार वर्मा को आशंका थी कि उसके भाई की हत्या सोहन सिंह गुट ने की है। इसी आशंका में उसने 2008 में सोहन सिंह की हत्या कर दी थी। राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा बलिया के सहरसपाली गांव का निवासी है।

माओवादी के संपर्क में आया राजकुमार
एसटीएफ के अनुसार सोहन सिंह की हत्या के बाद राजकुमार वर्मा का संपर्क प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के लिए काम कर रहे सीताराम उर्फ धनु से हुआ। वह नक्सल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने लगा। इस संगठन के लोगों को शक था कि ग्राम प्रधान मुसाफिर चौहान पुलिस को मुखबिरी करते हैं। इसी आशंका में वर्ष 2012 में राजकुमार वर्मा अपने साथियों के साथ पुलिस की वर्दी में मुसाफिर चौहान के घर पहुंचा।
ग्राम प्रधान के न मिलने पर क्षेत्र में आतंक पैदा करने के लिए उनकी पत्नी फूलमती की हत्या कर दी। यह घटना को लेकर बलिया के सहतवार थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए थे, जबकि राजकुमार वर्मा फरार चल रहा था। राजकुमार वर्मा का प्रमुख सहयोगी सीताराम उर्फ धनु भी 50 हजार रुपये का इनामी था। उसे 15 दिसंबर 2025 को एटीएस ने गिरफ्तार किया था।

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