
रसड़ा के पुरानी मस्जिद निवासी हैं जगदरा देवी और 18 वर्षीय राहुल, त्रिशूली बाजार में बहा मकान-दुकान, परिवार में मचा कोहराम
बलिया। नेपाल में आए भीषण जल सैलाब में बलिया के रसड़ा निवासी एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रसड़ा नगर के पुरानी मस्जिद निवासी पन्नालाल चौरसिया की पत्नी जगदरा उर्फ उषा (54) और 18 वर्षीय बेटे राहुल सैलाब में बह गए। शुक्रवार देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजन नेपाल में उनकी तलाश कर रहे हैं और सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
पन्नालाल चौरसिया करीब 40 वर्ष पहले अपने छोटे भाई अशोक कुमार चौरसिया के साथ नेपाल चले गए थे। दोनों भाई नुआकोटा जनपद के त्रिशूली बाजार में रहकर कारोबार करते थे। पन्नालाल कपड़े का थोक और फुटकर कारोबार करते थे और वहां के बड़े कारोबारियों में शामिल थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। करीब 15 वर्ष पहले उन्होंने नेपाल में ही राहुल को गोद लिया था।
परिजनों के अनुसार 26 अगस्त की सुबह करीब पौने नौ बजे पन्नालाल की पत्नी जगदरा और बेटे राहुल से रसड़ा निवासी उनकी भतीजी दीक्षा की फोन पर बात हुई थी। बातचीत के कुछ ही मिनट बाद सैलाब में दोनों के लापता होने की सूचना मिली। हादसे के बाद से दीक्षा गहरे सदमे में हैं।
बताया गया कि सैलाब आने के समय पन्नालाल चाय पीकर टहलने के लिए दुकान से बाहर निकले थे। निकलने से पहले उन्होंने बेटे राहुल के हाथ से चाय पी थी। इसके कुछ देर बाद आए जल सैलाब की चपेट में आने से वह बच गए। हालांकि इस भीषण आपदा में पन्नालाल और उनके भाई अशोक कुमार का मकान और दुकान भी बह गया। अशोक कुमार के परिवार के सदस्यों ने किसी तरह पहाड़ पर पहुंचकर जान बचाई।
रसड़ा में रहने वाले पन्नालाल के बड़े भाई हीरालाल चौरसिया समेत पूरा परिवार हादसे की खबर से गमगीन है। रिश्तेदारों में भी मातम पसरा है। परिजन नेपाल में लगातार मां-बेटे की तलाश की जानकारी जुटा रहे हैं और दोनों के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।

