
बांसडीह (बलिया)। स्थानीय कोतवाली पुलिस ने गुरुवार देर रात मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश समेत पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए बदमाश की पहचान विशाल भारद्वाज उर्फ अच्छे राजभर पुत्र शिवबचन राजभर निवासी सुखपुरा के रूप में हुई है। उसके पैर में गोली लगी है और उसका इलाज जिला अस्पताल बलिया में चल रहा है।
कोतवाल राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 15 मई की रात कोतवाली क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पालिटेक्निक स्कूल हुसैनाबाद के पास बड़ा पोखरा भीटा पर पांच बदमाश चोरी की योजना बना रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विशाल भारद्वाज उर्फ अच्छे राजभर के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि अन्य चार बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया।

पकड़े गए अभियुक्तों के पास से ये हुआ बरामद
कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 02 अवैध तमंचा 315 बोर, 02 जिंदा कारतूस, 02 खोखा कारतूस, एक नाजायज चाकू, 04 एंड्रायड मोबाइल, 580 रुपये नकद तथा 03 मोटरसाइकिल बरामद की हैं, जिनमें एक बाइक चोरी की बताई जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
गिरफ्तार अभियुक्तों में रोहन सिंह, अभिनव सिंह, मनीष कुमार और विशाल भारद्वाज शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका एक संगठित गिरोह है जो बलिया सहित अन्य जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ थाना बांसडीह में मुकदमा संख्या 137/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। वहीं घायल बदमाश विशाल भारद्वाज उर्फ अच्छे राजभर का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ बलिया और मऊ जनपद के विभिन्न थानों में चोरी और अन्य अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं।
क्षेत्र की चर्चित चोरियों से जुड़ा है गैंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बांसडीह क्षेत्र में हुई कई बड़ी चोरियों में शामिल रहा है। मिरिगिरी टोला निवासी अधिवक्ता अशोक पांडेय के बंद मकान में हुई लाखों की चोरी, छितरौली गांव में जयराम पाण्डेय के घर हुई दुस्साहसिक वारदात तथा हालपुर गांव में गुड्डू सिंह के बंगले में हुई लगभग सात लाख रुपये की चोरी की घटनाओं में भी गिरोह का नाम सामने आया है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी दहशत थी। लगातार बंद मकानों को निशाना बनाए जाने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि अब मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद क्षेत्रीय लोग पुलिस टीम को बधाई दे रहे हैं।
चोरी गए माल की बरामदगी का इंतजार
पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन जिन परिवारों के घरों में लाखों की चोरी हुई थी उनकी नजर अब चोरी गए माल की बरामदगी पर टिकी हुई है। क्षेत्र में चर्चा है कि बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती चोरी के जेवरात, नकदी और अन्य सामान की बरामदगी की होगी। इस गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों में आस जागी है कि उनका चोरी हुआ मॉल भी जल्द मिल जायेगा।

