Ballia : एक नाम, एक कलंक और 75 साल का इंतज़ार : क्यों आज भी ‘रूपवार तवायफ’ गांव के लोग बदलवाना चाहते हैं अपनी पहचान
बलिया। कभी-कभी किसी इंसान या समाज की सबसे बड़ी पीड़ा गरीबी या बीमारी नहीं होती, बल्कि एक ऐसा नाम होता है जो पहचान नहीं, बल्कि बोझ बन जाता है। उत्तर प्रदेश के क्रांतिकारी इतिहास से जुड़े बलिया ज़िले में ऐसा ही एक गांव है रूपवार तवायफ, जो आज़ादी के 75 साल बाद भी अंग्रेज़ी हुकूमत…
