दयाशंकर सिंह के प्रयास से निर्माण की कवायद तेज
बलिया। बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन के पास रेलवे क्रॉसिंग संख्या 5सी/टी-3 पर वाई शेप में दो लेन के रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के प्रयास से प्रस्तावित आरओबी के निर्माण की दिशा में लोक निर्माण विभाग के सेतु विंग ने प्रारंभिक विस्तृत आगणन शासन को भेज दिया है। आरओबी बनने से रेलवे फाटक बंद होने के दौरान लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विभागीय पत्र के अनुसार रेलवे क्रॉसिंग पर 12 मई से 18 जून 2025 के बीच टीवीयू (ट्रेन व्हीकल यूनिट) 1,79,109 दर्ज किया गया है। रेलवे फाटक बंद होने पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसी समस्या को देखते हुए वाहनों के सुचारु आवागमन के लिए वाई शेप में दो लेन के आरओबी का प्राविधान किया गया है।
870.95 मीटर लंबा होगा आरओबी
प्रस्तावित आरओबी की कुल लंबाई 870.95 मीटर होगी। इसमें वायाडक्ट भाग की लंबाई 656.70 मीटर, आरई वाल की कुल लंबाई 413.76 मीटर और मुख्य रेलवे पोर्शन की लंबाई 176 मीटर प्रस्तावित है। दोनों तरफ के लेन की कुल लंबाई 375.51 मीटर निर्धारित की गई है।
सहतवार की ओर वायाडक्ट की लंबाई 238.90 मीटर और आरई वाल की लंबाई 136.61 मीटर प्रस्तावित है। विभाग के मुताबिक आरओबी के निर्माण से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। इससे समय और ईंधन की बचत के साथ ही क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
2023 में हुई थी आरओबी निर्माण की घोषणा
बांसडीहरोड में रेलवे उपरिगामी सेतु निर्माण की घोषणा 27 फरवरी 2023 को चितबड़ागांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के शिलान्यास-पूजन कार्यक्रम के दौरान की गई थी। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रारंभिक विस्तृत आगणन शासन को भेजे जाने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है।
भूमि अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण की भी चुनौती
आरओबी निर्माण के लिए परियोजना के प्रस्तावित संरेखण में आने वाली भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। इसके साथ ही प्रभावित भवनों और दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी आवश्यक होगी। लोक निर्माण विभाग को बाधारहित भूमि उपलब्ध कराने के साथ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, रेलवे विभाग की भूमि को लीज पर लेने की भी आवश्यकता होगी।
