
कभी इसी कार्यालय से गूंजती थी समाजवादी राजनीति की आवाज
रोशन जायसवाल
बलिया। शहर के जनता मार्केट स्थित समाजवादी जनता पार्टी रा. (सजपा) का कार्यालय कभी राजनीतिक गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था। अब यह कार्यालय भले ही बंद हो चुका है, लेकिन इसकी दीवारों में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और पूर्व मंत्री गौरी भैया की अनगिनत यादें आज भी जैसे जीवित हैं। आठ जुलाई को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर यह कार्यालय फिर चर्चा में है, जिसने कभी राष्टÑीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
बताया जाता है कि वर्ष 1980 के आस-पास जनता मार्केट में समाजवादी जनता पार्टी का जिला कार्यालय स्थापित किया गया था। उस समय कुलदीप सिंह, विश्वनाथ चौबे, बलवंत सिंह, श्याम बहादुर सिंह क्रमश: जिलाध्यक्ष हुए। इसके प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह थे। यह केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा का प्रमुख केंद्र था। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जब भी बलिया आते, इसी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच बैठते, उनकी बातें सुनते और संगठन की रणनीति पर चर्चा करते थे।
जनता मार्केट स्थित इस कार्यालय से जिले की विभिन्न विधानसभा सीटों के लिए चुनावी रणनीतियां बनाई जाती थीं। 1996 में चिलकहर विधानसभा से रामगोविन्द चौधरी, बांसडीह विधानसभा से विजयलक्ष्मी सिंह, सिकंदरपुर विधानसभा से कमलेश सिंह, कोपाचीट से गौरी भैया एवं बेल्थरारोड से राणा सिंह को सजपा का प्रत्याशी बनाया गया था। यही नहीं, 2002 में भी रामगोविन्द चौधरी सजपा से चुनाव लड़े और विधायक बने। उस दौर में यह कार्यालय राजनीतिक संवाद और संगठन का सबसे सक्रिय केंद्र माना जाता था।

आज खामोश है, कभी गुलजार था सजपा कार्यालय
बलिया। जनता मार्केट का सजपा कार्यालय केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं था। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कारण यहां देशभर के समाजवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगातार आना-जाना लगा रहता था। राष्टÑीय स्तर की बैठकों से लेकर स्थानीय संगठन तक, हर महत्वपूर्ण निर्णय की गूंज इस कार्यालय में सुनाई देती थी। समय बदला, राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और धीरे-धीरे जनता मार्केट का यह ऐतिहासिक सजपा कार्यालय बंद हो गया। जहां कभी सुबह से देर रात तक कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा रहता है। हालांकि पुराने कार्यकर्ता आज भी इस कार्यालय को समाजवादी आंदोलन की धरोहर मानते हैं।
सजपा का सपा में विलय के बाद बंद हो गया कार्यालय
बलिया। आठ जुलाई को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर एक बार फिर जनता मार्केट का यह ऐतिहासिक कार्यालय चर्चा का विषय बनेगा। पुराने साथी और समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोग उस दौर को याद करेंगे, जब बलिया की राजनीति की धड़कन इसी कार्यालय से सुनाई देती थी और चंद्रशेखर स्वयं यहां बैठकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया करते थे। लोकसभा चुनाव-2004 में अंतिम बार पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पार्टी का जनता मार्केट में झंडा लहराता रहा। हालांकि, चंद्रशेखर ने अपना केन्द्रीय चुनाव कार्यालय चंद्रशेखरनगर स्थित झोपड़ी पर रखा था, लेकिन जनता मार्केट स्थित कार्यालय पर भी बैठक होती रहती थी। उनके निधन के बाद 2007 के लोकसभा उप चुनाव के बाद सपा में सजपा का विलय कर दिया गया। इसके बाद से कार्यालय को बंद कर सजपा का झंडा हटा दिया गया। 2007 में सपा से सांसद बनने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर ने चंद्रशेखरनगर स्थित झोपड़ी पर ही अपना कार्यालय स्थापित कर दिया।
13 साल बाद फिर जगी सजपा चंद्रशेखर की अलख
बलिया। जब तक पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर रहे, तब तक सजपा रा. रहा। वह कई चुनाव सजपा से लड़े और सपा का उनको समर्थन मिलता रहा। 2004 के बाद सजपा से ना कोई विधानसभा चुनाव लड़ा और ना ही लोकसभा। क्योकि 2007 में नीरज शेखर पहली बार सजपा से नहीं, बल्कि सपा से चुनाव लड़कर सांसद बने। 13 साल बाद एक बार फिर सजपा को जिंदा रखने के लिए अलख जगी और पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह सजपा चंद्रशेखर के प्रदेश अध्यक्ष बने। वह लगातार छह सालों से सजपा चंद्रशेखर के प्रदेश अध्यक्ष बने हुए है। उन्होंने बताया कि देश-प्रदेश में सजपा चंद्रशेखर राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय है। आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने की रणनीति तैयार की जा रही है।

