
बलिया। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शासन ने गाजीपुर-तुर्तीपार स्टेट हाईवे (एसएच-108) पर रसड़ा के छितौनी क्रॉसिंग (समपार संख्या 15-टी स्पेशल) पर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण को स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 196 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ओवरब्रिज बनने से लंबे समय से लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
छितौनी क्रॉसिंग से प्रतिदिन करीब 10 ट्रेनों का आवागमन होता है, जिसके चलते फाटक बंद रहने पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। यह जनपद का दूसरा रेलवे ओवरब्रिज होगा।
गाजीपुर-तुर्तीपार स्टेट हाईवे के किमी 40 पर स्थित इस क्रॉसिंग के दोनों ओर फोरलेन सड़क होने से यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे यहां आरओबी की मांग लंबे समय से की जा रही थी। परियोजना के तहत मुख्य सेतु के निर्माण पर 52.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, प्रभावित भवनों व संपत्तियों के ध्वस्तीकरण पर 9.86 करोड़ और मुआवजे के रूप में 10.36 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यूटिलिटी शिफ्टिंग पर 4.37 करोड़ तथा पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) के निर्माण पर 119.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
डिजाइन मे बदलाव कर टी आकार का बनेगा पुल
सेतु निगम के पीओ आरएस राय ने बताया कि प्रारंभिक योजना में पुल को वाई आकार में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन इससे अधिक मकान प्रभावित हो रहे थे। इसे देखते हुए डिजाइन में बदलाव कर अब टी आकार का पुल बनाया जाएगा। पुल की कुल लंबाई करीब 800 मीटर होगी, जिसमें दोनों ओर 400-400 मीटर का हिस्सा शामिल रहेगा। एक ओर यह रसड़ा-बलिया मार्ग में जुड़ेगा, जबकि दूसरी ओर नगरा की दिशा में उतरेगा। प्रभावित क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल की चौड़ाई भी फोरलेन से कुछ कम रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अब विभागीय प्रक्रियाएं पूरी कर टेंडर जारी किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
तेजी से चल रहा फोरलेन बनाने का कार्य
इसके साथ ही गाजीपुर के कासिमाबाद से रसड़ा और रसड़ा से नगरा तक एसएच-108 को फोरलेन बनाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। वहीं, फेफना-मऊ नेशनल हाईवे 128-बी के फोरलेन के लिए भी स्वीकृति मिल चुकी है और एनएचएआई द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। ऐसे में इस आरओबी के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।

