लखनऊ। विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सियासी दलों के बीच सीटों को लेकर दावेदारी तेज होने लगी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर के माध्यम से भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को 33 सीटों की सूची सौंपी है। इसमें भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी की दो सीटें भी शामिल हैं।
वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट पर इस बार खास नजर है। यहां से मंत्री अनिल राजभर विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा ने ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर को शिवपुर सीट से मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें करीब 27 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा था। पिछली बार सपा गठबंधन के साथ 17 सीटों पर चुनाव लड़कर सुभासपा के छह प्रत्याशी जीते थे। इस बार पार्टी 16 सीटें अधिक मांग रही है।
सूची में मुरादाबाद ग्रामीण, सीतापुर की महोली, मिर्जापुर की मझवां, सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज और इटवा, बहराइच की बलहा, बलरामपुर की उतरौला, हरदोई की संडीला और बाराबंकी की रामनगर सीट शामिल हैं। इसके अलावा संतकबीरनगर की धनघटा, देवरिया की रामपुर कारखाना, कुशीनगर की रामकोला और खड्डा, महाराजगंज की फरेंदा, बस्ती की महादेवा और रुधौली, सुल्तानपुर की इसौली तथा अंबेडकरनगर की अकबरपुर सीट पर भी पार्टी ने दावा किया है।
पूर्वांचल में बलिया की रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया, मऊ सदर और घोसी, आजमगढ़ की मेहनगर, दीदारगंज और अतरौलिया, चंदौली की सकलडीहा, वाराणसी की शिवपुर और अजगरा, जौनपुर की केराकत और जफराबाद तथा गाजीपुर की जखनिया और जहूराबाद सीटें भी सूची में शामिल हैं।
सुभासपा का 33 सीटों पर दावा, शिवपुर सीट पर खास नजर, पिछली बार से 16 सीटें ज्यादा मांग रही सुभासपा
