
बलिया। शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक मुक्त माडल तालाबों के माध्यम से बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 17 तालाबों को प्लास्टिक मुक्त माडल तालाब बनाने पर कार्य किया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव की कोशिश है कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समय से इस कार्य को पूरा किया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि जनपद बलिया में 100 तालाबों को प्लास्टिक मुक्त माडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस लक्ष्य को तीन चरणों मंे हासिल किया जाएगा। प्रथम चरण मं 17 तालाबों पर काम होगा। इसके लिये सभी विकास खंडों से एक-एक तालाब का चयन कर लिया जाएगा। तालाबों को माडल बनाने का कार्य कंसल्टिंग इंजीनियरों की निगरानी में किया जाएगा। तालाबों का चयन कंसल्टिंग इंजीनियरों से सर्वे कराकर किया गया है।
योजना से ये होगा लाभ
तालाबों के प्लास्टिक प्रदूषण में 80 से 90 प्रतिशत की कमी आएगी। जल गुणवत्ता मे सुधार होगा। जल भराव, दुर्गंध मछरजनित रोगों में कमी आएगी। हरित एवं स्वच्छ वातवरण बनेगा। स्थानीय स्तर पर सामुदायिक स्थायित्व बढ़ेगा। मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
इस तरह किया गया आंकलन
तालाबों का चयन कंसल्टिंग इजीनियरों ने किया है। इसमें ग्रा मपंचायत की आबादी कितनी है, तालाब में कितने घरों का ग्रे वाटर जा रहा है। पंचायती राज विभाग की कोशिश ग्रे वाटर का उपचार कर तालाब में जाने देने की है। सिंचाई, वृक्षारोपण, पशुपालन में इस जल का प्रयोग हो, उपचारित जल को पुनः प्रयोग लायक बनाना है।

