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Ballia : रामगोविंद की राजनीतिक विरासत संभालेंगे रंजीत चौधरी? अखिलेश के दौरे के बाद चर्चा तेज

ढाई घंटे तक गोसाईपुर में रहे सपा प्रमुख, परिवार के सभी सदस्यों से की मुलाकात

रोशन जायसवाल,


बलिया।
सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गोसाईपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामगोविंद चौधरी के श्राद्धकर्म में श्रद्धांजलि देने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करीब ढाई घंटे तक मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से मुलाकात की। हेलीपैड पर भी सपा नेताओं से बातचीत की। अखिलेश यादव के लौटने के बाद जिले की सियासत में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या सपा बांसडीह की राजनीति में रंजीत चौधरी को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है?


कार्यक्रम के दौरान स्व. रामगोविंद चौधरी की राजनीतिक विरासत को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। पत्रकारों ने जब अखिलेश यादव से सवाल किया कि परिवार में उनके राजनीतिक उत्तराधिकार को कौन संभालेगा, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, अखिलेश यादव का लंबे समय तक कार्यक्रम में रुकना और परिवार के सभी सदस्यों से मुलाकात करना राजनीतिक हलकों में कई तरह के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।

रंजीत चौधरी की सक्रियता को लेकर अटकलें
अखिलेश यादव के दौरे के बाद चर्चा है कि रंजीत चौधरी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के साथ बांसडीह की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर सपा की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। ऐसे में रंजीत चौधरी को बांसडीह से पार्टी का प्रत्याशी मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। बांसडीह विधानसभा सीट पर सपा के कई दावेदार अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं और पार्टी नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। ऐसे में आगामी चुनाव में पार्टी किसे मौका देगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

शिवपाल यादव भी रहे मौजूद
श्राद्धकर्म में श्रद्धांजलि देने पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव काफी देर तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। दोनों नेता अलग-अलग हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। अखिलेश यादव के दौरे को रामगोविंद चौधरी के परिवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि यदि रामगोविंद चौधरी का निधन नहीं हुआ होता, तो बांसडीह विधानसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने की संभावना रहती। अब उनके बाद परिवार से कौन राजनीति में आगे आएगा और सपा बांसडीह सीट पर किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी, यह आने वाला समय ही तय करेगा।

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