
बेरुआरबारी (बलिया)। क्षेत्र के आदर गांव निवासी 89 वर्षीय रमाकांत सिंह का निधन उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित कैलाश आश्रम में हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रमाकांत सिंह लंबे समय तक कैलाश आश्रम से जुड़े रहकर सेवा कार्य करते रहे। सेवा निवृत्ति के बाद कुछ समय गांव में रहने के बावजूद उनका आश्रम से गहरा लगाव बना रहा और वे नियमित रूप से वहां जाते रहे। बाद मे स्वास्थ्य में गिरावट के बीच उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा व्यक्त की थी कि वे कैलाश आश्रम में संन्यास की दीक्षा ग्रहण करेंगे।
इच्छा के अनुरूप उन्होंने संन्यास की दीक्षा ली और आश्रम में ही रहने लगे। शनिवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उपचार के दौरान उन्होंने आश्रम में ही अंतिम सांस ली। संन्यासी परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश में ही संपन्न कराया गया। उनके दो पुत्री शांति और सावित्री है। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में पत्रकार रणजीत बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य आशीष सिंह, अनूप सिंह, सतीश सिंह, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।

