रोशन जायसवाल,
बलिया। वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बलिया जिले की दो प्रमुख सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। बलिया नगर से काशीनाथ मिश्र और बांसडीह से पीएन तिवारी भाजपा के उम्मीदवार बने थे। उस दौर में बलिया नगर और बांसडीह की राजनीति में काशीनाथ मिश्र और पीएन तिवारी के नाम की खास चर्चा थी। दोनों नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में भाजपा की राजनीति को मजबूत आधार देने का काम किया।
इसके बाद 2002 के विधानसभा चुनाव में पीएन तिवारी ने बांसडीह के बजाय बलिया नगर से चुनाव लड़ा। इस दौरान भाजपा से कई ब्राह्मण नेताओं ने चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन भाजपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचने वाले ब्राह्मण चेहरों की सूची में आनंद स्वरूप शुक्ल का नाम एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना।
आनंद स्वरूप शुक्ल ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया और बलिया की राजनीति में भाजपा के ब्राह्मण चेहरे के रूप में अपनी अलग पहचान कायम की। बलिया की राजनीति में भाजपा के ब्राह्मण प्रत्याशियों की यह यात्रा 1996 से लेकर आगे के चुनावों तक बदलते सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों की कहानी भी बताती है।
