
रोशन जायसवाल,
बलिया। बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सवाल यह है कि जो उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली का बिल जमा करता है, उसे भी उतनी ही परेशानी झेलनी पड़ रही है, जितनी मुफ्त में बिजली का उपयोग करने वालों को।
सरकार और बिजली विभाग को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए कि सब-स्टेशनों पर दो तरह के फीडर की व्यवस्था हो, एक बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए और दूसरा मुफ्त बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए। इससे कम से कम नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने की व्यवस्था की जा सकती है।
मंगलवार को सिविल लाइन फीडर की स्थिति ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब 35 मिनट के दौरान छह बार बिजली गई और आई। लगातार बिजली के आने-जाने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पावर हाउस से मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइन फीडर ओवरलोड चल रहा है, जिसके कारण बार-बार ट्रिपिंग और बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है।
अब सवाल यह है कि यदि फीडर लगातार ओवरलोड है तो विभाग इसका स्थायी समाधान कब करेगा? आखिर नियमित बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली की आंख-मिचौली से कब राहत मिलेगी?

