
डीआईजी ने परिजनों से की मुलाकात, की मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा
बलिया। पुलिस महकमे में यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है कि लापरवाही बरतने वाले दो सिपाहियों को निलंबित करते हुए थानेदार को लाइन हाजिर किया गया है। पूरे मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन के एक्शन के बाद डीआईजी सुनील कुमार को मृतक के गांव गायघाट पहुंचना पड़ा। जांच के बाद डीआईजी ने बड़ी कार्रवाई की है। सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस किस तरह से जाल बिछाएगी। घटना के बाद जिलाधिकारी कार्यालय पर भी गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया है।
रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव में कामजी गोंड की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस पूछताछ के दौरान कथित तौर पर की गई पिटाई के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान वाराणसी के बीएचयू में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया। रविवार को शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने रेवती-बलिया मुख्य मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ते विवाद के बीच आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा की।
परिजनों की तहरीर के आधार पर रेवती थाने में दारोगा सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह सहित कुल छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। वहीं मामला बढ़ने पर एसपी ओमवीर सिंह ने थाने के उप निरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह निलंबित कर दिया। देर रात एसओ राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर कर अनिल कुमार सिंह को तैनात किया है। डीआईजी ने मामले की जांच महिला सीओ लाइन को सौंपी है और डीएम से मजिस्ट्रियल जांच की संस्तुति की है।
डीआईजी ने किया मौके का निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुनील कुमार रविवार को गायघाट पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। डीआईजी ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

डीआईजी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
डीआईजी सुनील कुमार सिंह के निर्देश पर उप निरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, गायघाट लाला टोला के निवर्तमान प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, चालक मोहित यादव और सूरज कन्नौजिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कामजी गोंड के बेटे विशाल का आरोप है कि बुधवार को पुलिस की पिटाई से पिताजी की हालत खराब हो गई थी। वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार की देर रात कामजी का शव घर लाया गया।
पुलिस का यह है पक्ष
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद कामजी गोंड को सकुशल छोड़ दिया गया था। आरोपों की पुष्टि मजिस्ट्रेट जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

