
बलिया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गिरफ्तार बलिया के राज सिंह की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसियां राज सिंह और उसके परिजनों के बैंक खातों, लेनदेन और संपत्ति का ब्योरा जुटाने में लगी हैं।
सूत्रों के अनुसार राज सिंह हाई प्रोफाइल जीवनशैली जीता था। उसके पास लग्जरी वाहन, निजी सुरक्षाकर्मी और सहयोगियों का काफिला रहता था। बताया जा रहा है कि वह चिलकहर ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव लड़ने की तैयारी में भी जुटा था। जांच टीम यह पता लगाने में लगी है कि उसके पास इतनी बड़ी धनराशि कहां से आती थी।
जांच एजेंसियों ने शहर के एसबीआई समेत तीन बैंकों और कुंवर सिंह डाकघर में राज सिंह व उसके परिजनों से जुड़े खातों की जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि घटना से करीब दो सप्ताह पहले डाकघर के बचत खाते से 15 लाख रुपये निकाले गए थे। इसके बाद भी कई किश्तों में धन निकासी हुई। अब जांच टीम यह जानकारी जुटा रही है कि इतनी बड़ी रकम कहां खर्च की गई। राज सिंह की मां जामवंती देवी रसड़ा डाकघर में कार्यरत हैं। जांच एजेंसियां उनके खातों और लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
राजनीतिक दबाव में भाई को फंसाने का आरोप
राज सिंह के बड़े भाई ऋषिवंत सिंह ने कहा कि राजनीतिक दबाव में उनके भाई को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक खातों की जांच की जानकारी उन्हें नहीं है। आनंद नगर स्थित घर में प्रथम तल और फर्श निर्माण के लिए पैसे निकाले गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी वाहन उनकी मां के नाम पर किस्तों में खरीदे गए हैं।
घर में हाल ही में लगा था सीसीटीवी कैमरा
शहर के आनंद नगर स्थित राज सिंह के घर पर करीब एक माह पहले सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। परिजनों ने उसी कैमरे की फुटेज जारी कर दावा किया कि पीए हत्याकांड के दिन राज घर पर मौजूद था। हालांकि कॉलोनीवासियों का कहना है कि मकान में सिर्फ एक ही कैमरा लगा है और उसका एंगल उस स्थान की ओर नहीं है, जहां राज की कार और बाइक खड़ी रहती थी। बताया जा रहा है कि घर में चल रहे निर्माण कार्य को देखते हुए कैमरा लगाया गया होगा।
टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान से मिला सुराग
सूत्रों के अनुसार राज सिंह सात मई को लखनऊ में एक एमएलसी की बेटी की शादी में मां और दोस्तों के साथ गया था। लौटते समय अयोध्या-बस्ती मार्ग के एक टोल प्लाजा पर उसने यूपीआई से टोल टैक्स का भुगतान किया था। जांच में सामने आया कि पीए हत्याकांड के आरोपी फरारी के दौरान भी इसी यूपीआई आईडी से एक टोल प्लाजा पर भुगतान कर चुके थे। इसी आधार पर जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिला और पुलिस ने राज सिंह को हिरासत में लेकर कोलकाता पुलिस को सूचना दी।
अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चुनाव के दौरान राज सिंह कोलकाता किस कार्यक्रम में गया था और वहां उसकी किन लोगों से मुलाकात हुई थी।

