
नाम का पिछड़ा जिला, यहां तो लोग दो हजार करोड़ की पी जाते है शराब
रोशन जायसवाल,
बलिया। आबकारी विभाग बलिया को योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 में लगभग 931 करोड़ 87 लाख रूपये का लक्ष्य दिया था और इस मार्च माह में विभाग सरकार के लक्ष्य को पूरा करने जा रहा है। आप जरा सोचिए लोग कहते है बलिया एक पिछड़ा हुआ जिला है, ऐसे में बलिया के ऐसे लोग भी है जो लगभग एक हजार करोड़ की शराब प्रतिवर्ष पी जाते है। ये तो हो गई टैक्स की बात, यदि शराब की कीमत भी जोड़ दी जाए तो लगभग दो हजार करोड़ रूपये की शराब लोग पी जाते है। जिले में 272 शराब की दुकानें है जिसमें 145 देशी, 98 कम्पोजिट, दो माडल शाप और करीब 30 भांग की दुकानें है। इस वर्ष में कुछ दुकानें जो घाटे की थी, जो अनुज्ञापियों ने छोड़ दी है, इसकी संख्या छह देशी शराब की दुकान, एक कम्पोजिट दुकानें है। इसके अलावा दो भांग की भी दुकानें है। 10 मार्च से 18 मार्च तक छोड़ी गई दुकानों का आनलाइन आवेदन लिए जाएंगे और 20 मार्च को विकास भवन में सुबह 11 बजे अधिकारियों की उपस्थिति लाटरी होगी जिसमें दुकानों को आवंटित किया जाएगा।

