
17 किमी लंबा बनेगा बलिया बाईपास, 75 करोड़ से शुरू होगी भूमि खरीद प्रक्रिया
शहर के प्रमुख चौराहों का होगा आधुनिकीकरण, 5 करोड़ की योजना शुरू
बलिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने शनिवार को कटहल नाला सुंदरीकरण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रामपुर महावल में लगभग 300 मीटर क्षेत्र में कार्य प्रगति पर है, जहां सिल्ट की सफाई, मिट्टी भराई और एप्रोच रोड का निर्माण कार्य कराया गया है।
शेष कार्य मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि कटहल नाला का सुंदरीकरण महावलपुर रामपुर महावल से लेकर ग्राम प्रबंधापुर तक लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में कराया जाएगा, जिसकी चौड़ाई करीब 20 मीटर होगी। इस परियोजना के लिए लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। अधिकारियों के अनुसार नाला सुंदरीकरण से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्वच्छता की दिशा में भी बड़ा कदम होगा और इससे जनपद को नई पहचान मिलेगी।
13 अतिक्रमण चिन्हित, तीन ने स्वयं हटाया अतिक्रमण
कटहल नाला के सुंदरीकरण के लिए 13 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे, जिनमें से परमानंदापुर में तीन अतिक्रमण लोगों द्वारा स्वयं हटा लिए गए हैं। प्रशासन ने शेष अतिक्रमणकारियों को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए खर्च की वसूली की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही बलिया बाईपास रोड की भूमि क्रय एवं अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है।

17 किलोमीटर बनेगा बलिया बाईपास
अधिकारियों ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और राजस्व टीम के साथ प्रस्तावित बाईपास मार्ग का निरीक्षण किया। वैना से बांसडीह रोड तक प्रस्तावित इस बाईपास की लंबाई लगभग 17 किलोमीटर है, जिसके लिए शासन द्वारा 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। बाईपास निर्माण के लिए भूमि क्रय दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 11 किलो मीटर क्षेत्र के 10 गांवों वैना, दुंदुमा, कटारिया, अलावलपुर, बनरही, गुरवा, कुम्हैला, करनई, आराजी माफी शुक्लपुर और धरहरा की भूमि का क्रय किया जाएगा। इन गांवों का सर्वे 15 मार्च तक पूरा होने की संभावना है।
इसके बाद समिति द्वारा भूमि दर तय किए जाने के बाद किसानों से भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शेष छह किलोमीटर क्षेत्र के 13 गांवों की भूमि का पुनः सर्वे कर वन विभाग से स्वीकृति लेने के बाद दूसरे चरण में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बलिया बाईपास बनने से शहर में जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और शहर का विस्तार भी बाईपास तक होगा, जिससे आम जनता को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलेंगी।

10 चौराहों का होगा आधुनिकीकरण व सुंदरीकरण
उधर नगर पालिका बलिया के प्रमुख 10 चौराहों के आधुनिकीकरण और सुंदरीकरण की भी योजना बनाई गई है। इसके तहत कलेक्ट्रेट चौराहा, कुंवर चौराहा, चित्तू पांडे चौराहा, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हनुमानगढ़ी मंदिर सहित प्रमुख चौराहों पर एलईडी स्क्रीन, ट्रैफिक सिग्नल लाइट, बुलेट कैमरा और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए जाएंगे। निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए परिवहन विभाग द्वारा 5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार इस माह के अंत तक कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के समय अधिशासी अधिकारी बलिया, सहायक अभियंता सीएनडीएस तथा राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।

