
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर तीन दिन तक चली आयकर विभाग (आईटी) की जांच के बाद टीम शुक्रवार देर रात वापस लौट गई। जांच के दौरान टीम डिजिटल साक्ष्य, बैंक लॉकर से जुड़े कागजात और वित्तीय लेनदेन की महत्वपूर्ण फाइलें अपने साथ ले गई है।
शनिवार को खनवर स्थित विधायक के पैतृक गांव के फार्महाउस व कार्यालयों पर सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं। परिसर में दिनभर चहल-पहल रही और शुभचिंतकों व क्षेत्रवासियों का आना-जाना लगा रहा।
बुधवार को एक साथ पड़ी थी रेड
बुधवार को दिन में करीब 10ः30 बजे कमिश्नर व जॉइंट कमिश्नर के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम ने खनवर मोड़ स्थित छात्रशक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के प्लांट कार्यालय और फार्महाउस पर एक साथ छापेमारी की थी। उस समय कंपनी के निदेशक रमेश सिंह सहित 12 से अधिक कर्मचारी परिसर में मौजूद थे।
टीम ने सबसे पहले कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए और इसके बाद फार्महाउस के कमरों व कार्यालय में रखी पत्रावलियों तथा कंप्यूटर रिकॉर्ड की गहन जांच की। निदेशक रमेश सिंह से कई घंटे तक विस्तृत पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार टीम ने धन के स्रोत और विभिन्न खातों में हुए लेनदेन के संबंध में जानकारी जुटाई। छापे के दौरान स्टेट बैंक की नगरा शाखा में लगभग एक करोड़ रुपये जमा कराए जाने की चर्चा रही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
हर स्तर पर जांच में सहयोग किया
छात्र शक्ति इंफ्रा इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के निदेशक रमेश सिंह ने कहा कि उन्होंने जांच के दौरान आईटी टीम का पूरा सहयोग किया और हर सवाल का जवाब दिया। उनके अनुसार टीम का व्यवहार संतुलित रहा और किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया गया। वहीं विधायक के पुत्र यूकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि परिवार जांच टीम का सहयोग कर रहा है और विधायक नियमित रूप से दवा ले रहे हैं।

