Ballia : पितृपक्ष में पितरों को पिण्डदान देने से पितृदोष से मिलती है मुक्ति: बोले डा. अखिलेश उपाध्याय
बलिया। आश्विन कृष्णपक्ष में प्रतिपदा से लेकर पितृ विसर्जनी अमावस्या तक सूर्य रश्मियों की प्रधानता होती है। रश्मियों के साथ ही पितृगण पृथ्वी पर अवतरित होते है। उन्ही के लिए पितृपक्ष पर्यान्त तर्पण, पिण्डदान, श्राद्ध कर्म सम्पादित किये जाते है। पितरों के साथ ही आठ वसु, नवग्रह ब्राहमण, रुद्र, अग्नि, विश्वेदेव, मनुष्य, और पशु-पक्षी भी…
