
बलिया। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के निर्णय तथा विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति उप्र के घटक संगठनों के आह्वान पर मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समक्ष इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2026 के विरोध में कर्मचारियों ने प्रतिरोध सभा की।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विद्युत सुधार के नाम पर वर्ष 2025 में तैयार मसौदे को पूंजीपतियों के दबाव में संसद से पारित कराना चाहती है। उनका आरोप था कि यह बिल किसानों, मजदूरों, औद्योगिक विकास तथा गरीब उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि देश की राष्ट्रीय संपत्तियों को, जो गरीब करदाताओं के पैसे से खड़ी हुई हैं, निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने सरकार से बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि यदि बिल को वापस नहीं लिया गया तो देशभर में किसान और मजदूर व्यापक विरोध करेंगे। साथ ही पिछले सप्ताह ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में यूपीसीएल चेयरमैन द्वारा टीजी-2 संवर्ग के कर्मचारियों के लिए कथित रूप से अमर्यादित भाषा के प्रयोग पर भी संघर्ष समिति ने आक्रोश व्यक्त किया और इसकी निंदा की। समिति ने मांग की कि चेयरमैन लिखित रूप से माफी मांगें।
सभा में गोविंद तिवारी, रतन प्रकाश, उपेंद्र यादव, राजीव सिंह, अनूप यादव, अनिल कुमार, फणिंद्र सिंह, जेपी सिंह, शशि कपूर और अरविंद कुमार आशीष आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामाशंकर पांडेय तथा संचालन वीवी सिंह ने किया।

