
पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में वोटों की गिनती जारी है। छठे राउंड की गिनती के बाद जनसुराज के प्रशांत आगे चल रहे हैं। पटना स्थित एएन कॉलेज को मतगणना केंद्र बनाया गया है, जहां सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग और पटना जिला प्रशासन ने मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस चुनाव परिणाम पर न केवल स्थानीय मतदाताओं की, बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों की निगाहें बनी हुई हैं। कुछ ही समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि बांकीपुर की जनता ने अपना नया विधायक किसे चुना है।
करीब 30 वर्षो से भाजपा का गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब 30 वर्षों से भाजपा का गढ़ रही है. इस सीट पर सवर्ण मतदाताओं का बड़ा प्रभाव माना जाता है और भाजपा को हमेशा इसका फायदा मिलता रहा है. लेकिन इस बार जन सुराज के प्रशांत किशोर ने सवर्ण बहुल इलाकों में भी अच्छी बढ़त बनाकर मुकाबले को लगभग एकतरफा कर दिया है. इससे पता चलता है कि भाजपा के परंपरागत वोटों का एक बड़ा हिस्सा जन सुराज की ओर गया है.
मुस्लिम-यादव वोटों में भी मिली बढ़त
राजद का सबसे मजबूत आधार मुस्लिम-यादव यानी एमवाई वोट बैंक माना जाता है। इस उपचुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता शुरुआती राउंड से ही पीछे रहीं। कई इलाकों में प्रशांत किशोर को ऐसे बूथों पर भी अच्छी बढ़त मिली, जहां पहले राजद का प्रभाव माना जाता था। इससे कहा जा सकता है कि जन सुराज ने मुस्लिम और यादव वोटरों के बीच भी अपनी पकड़ बनाई।
जाति से आगे बढ़ने की कोशिश
प्रशांत किशोर ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान खुद को किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और बेहतर शासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यही वजह रही कि उन्हें अलग-अलग समाज के लोगों का समर्थन मिलता दिखाई दिया।

