
बलिया। राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है। वह पांच सितंबर को राष्ट्रपति के हाथों सम्मान ग्रहण करेंगे। चयन की जानकारी मिलने पर डॉ. खां ने खुशी जताते हुए इसका श्रेय अपने विद्यार्थियों, साथी शिक्षकों, विद्यालय स्टाफ और जनपदवासियों को दिया।
डॉ. खां ने बताया कि नामांकन के बाद पूरे प्रदेश से 12 शिक्षकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इनमें से तीन शिक्षकों का चयन होना था। राज्य स्तर पर चयन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी साक्षात्कार हुआ। इसमें पूछे गए सवालों के जवाब देने के बाद उनका राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन किया गया।
उन्होंने बताया कि उनकी शिक्षण पद्धति पारंपरिक तरीके से अलग है। वह विद्यार्थियों को केवल किताब और कॉपी के माध्यम से पढ़ाने के बजाय प्राकृतिक वातावरण को भी शिक्षा का माध्यम बनाते हैं। विद्यालय परिसर में मौजूद पेड़-पौधों और आसपास के प्राकृतिक संसाधनों के जरिए बच्चों को सीखने के अवसर दिए जाते हैं।
डॉ. खां के अनुसार वह किसी भी गतिविधि को पहले स्वयं करके दिखाते हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को उसे करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि करके सीखने से बच्चों में विषय की समझ अधिक प्रभावी ढंग से विकसित होती है।

