You can find updated Android installation instructions and app information on BC Game APK India.

Asarfi

Ballia : सरयू की लहरों में समाए तीन मकान, 250 से अधिक घरों पर मंडरा रहा कटान का खतरा

width="500"

शिवदयाल पांडेय मनन,
बैरिया (बलिया)।
गोपालनगर टाड़ी के उत्तर टोला में सरयू नदी का कटान लगातार विकराल होता जा रहा है। शनिवार शाम नदी की तेज लहरों में रमेश यादव, शैलेश यादव और मनु यादव के रिहायशी मकान नदी में समा गए। वहीं रामनाथ यादव, देवनाथ यादव, संतोष यादव और छोटू यादव के मकानों से भी नदी की लहरें टकरा रही हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।


कटान की भयावह स्थिति को देखते हुए लोग अपने हाथों से मेहनत से बनाए आशियाने को तोड़कर सामान ट्रैक्टर पर लादकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में करीब 375 लोगों के घर सरयू नदी में समा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यदि शासन-प्रशासन ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाया तो टाड़ी स्थित मोबाइल कंपनी के टावर तक करीब 250 से अधिक मकानों पर नदी का खतरा मंडरा रहा है।


बाढ़ विभाग की ओर से फ्लड फाइटिंग मद से कटान रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर कटान स्थल पर डाली जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इससे कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कटान की तीव्रता को देखते हुए पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।

कटान रोकने की मांग को लेकर धरना जारी
बैरिया। गोपालनगर-बशिष्ठनगर सीमा पर हो रहे कटान को रोकने की मांग को लेकर रविवार को दूसरे दिन भी सैकड़ों कटान पीड़ित नदी के कटान स्थल से कुछ दूरी पर पीपल के पेड़ के नीचे धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी बर्बादी को सामने देख रहे हैं। यदि शासन-प्रशासन ने जल्द कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया तो कुछ ही दिनों में बशिष्ठनगर और गोपालनगर गांव का अस्तित्व मिटने का खतरा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होंगे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *