
बेरुआरबारी। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जहां आम लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिन चढ़ते ही सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आता है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दूसरी ओर खेतों के किनारे, गांव की पगडंडियों तथा सड़कों के आसपास लगे पेड़ों की छांव में पशु-पक्षियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।
नील गाय, बकरी सहित अन्य पशु तेज धूप से बचने के लिए पूरे दिन पेड़ों की आड़ में शरण लेने को मजबूर हैं। गर्मी के कारण क्षेत्र के अधिकांश पोखरे, तालाब और गड्ढों में जमा पानी सूख चुका है। इससे पशु-पक्षियों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। पानी की तलाश में पक्षी इधर- उधर भटकते नजर आ रहे हैं, जबकि पशु भी दूर-दूर तक पानी खोजने के लिए मजबूर हैं।
जलस्रोतों के सूख जाने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी का असर फसलों और पेड़-पौधों पर भी पड़ रहा है। पर्याप्त नमी नहीं मिलने से पौधे मुरझाने लगे हैं। यदि जल्द ही मौसम में बदलाव नहीं हुआ और बारिश नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। गौरतलब है कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी तापमान ऊंचा रहने की संभावना है। ऐसे में गर्मी का प्रकोप फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं।

