
प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन पर ज्योति मौर्य को मिला मेडल
बलिया। महावीर घाट, गंगा जी मार्ग स्थित गायत्री शक्तिपीठ में रविवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि देवेंद्र नाथ उपाध्याय ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण है। वह बच्चों में विद्या के साथ संस्कार भी रोपता है। उन्होंने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने शिक्षक को युग निर्माता कहा है। आज के समय में शिक्षकों की भूमिका और बढ़ गई है।
शक्तिपीठ संरक्षक विजेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में समय समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिला समन्वयक उषा सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व गायत्री परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेश पांडेय ने किया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।
मुख्य अतिथि व विजेंद्र नाथ चौबे संग भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की जिला समन्वयक उषा सिंह ने शिक्षकों को मंत्र पट्टा व गायत्री साहित्य भेंट कर सम्मानित किया। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने वाली छात्रा ज्योति मौर्य को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व गायत्री परिजन उपस्थित रहे। अंत में प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।

