
एक मंच पर दिखें दो मंत्री, दो पूर्व सांसद समेत कई दिग्गज, महिलाओं की भारी भागीदारी बनी चर्चा का केंद्र
रोशन जायसवाल,
बलिया। फेफना विधानसभा क्षेत्र के रतसड़ बाजार में शनिवार को पूर्व मंत्री नारद राय द्वारा आयोजित विशाल जनसंवाद कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, पूर्व सांसद रवींद्र कुशवाहा, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई दिए।

सभा में पहुंचे सभी प्रमुख नेताओं ने अपने संबोधन में नारद राय के राजनीतिक अनुभव, जनसंपर्क और संगठन क्षमता की खुलकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह का विशाल जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर नारद राय ने अपनी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार का प्रभावी परिचय दिया है।

कई नेताओं ने उनके राजनीतिक भविष्य के उज्ज्वल होने की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र की राजनीति को नई दिशा देने वाले हैं। सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही, लेकिन महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। कार्यक्रम स्थल लोगों से खचाखच भरा रहा और दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंचे।

कार्यक्रम में भीड़ से खुश दिखे ओमप्रकाश
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी अपने संबोधन के दौरान उमड़ी भीड़ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता की इतनी बड़ी भागीदारी यह साबित करती है कि क्षेत्र में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है और जनता विकास व संवाद की राजनीति चाहती है।

सनी पांडेय व गोलू राजा के गीतों पर झूमे लोग
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। सनी पांडे, गोलू राजा समेत कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया, जिससे कार्यक्रम देर तक चर्चा का विषय बना रहा।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

क्या कहतेे है राजनीति विश्लेषक
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह जनसंवाद कार्यक्रम केवल एक सार्वजनिक सभा नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले नारद राय की राजनीतिक ताकत और सक्रियता का बड़ा संदेश भी माना जा रहा है। एक मंच पर सत्ता पक्ष के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी और उनके द्वारा नारद राय की खुली प्रशंसा ने क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।

