
बलिया। कारगिल युद्ध के नायक और वीर सैनिक दीपचंद फौजी भारत की पहली सैनिक आभूषण कैंटीन का उद्घाटन करेंगे। इस पहल को लेकर उन्होंने बनारसी ज्वेलर्स, बलिया के प्रो. अशोक सराफ को बधाई देते हुए इसे सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है।
दीपचंद फौजी कारगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग की लड़ाई में सबसे पहला गोला दागने वाली आर्टिलरी टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने युद्ध के दौरान अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। बाद में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान हुए एक भीषण बम धमाके में उन्होंने अपने दोनों पैर और एक हाथ गंवा दिया। गंभीर शारीरिक क्षति के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा और उन्होंने समाज सेवा का मार्ग चुना।
वर्तमान में दीपचंद फौजी आदर्श फौजी फाउंडेशन के माध्यम से दिव्यांग सैनिकों और युवाओं को प्रेरित करने तथा उनकी सहायता करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार किसी ने सैनिकों के लिए आभूषण कैंटीन की अवधारणा पर काम किया है, जो सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक सराहनीय पहल है।

