
रोशन जायसवाल,
बलिया। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के बसपा और मायावती को लेकर दिए बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। बलिया में बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे धनंजय सिंह से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि बसपा अब लगभग सभी सदनों में कमजोर स्थिति में है, तो उन्होंने बसपा की वापसी की संभावनाओं को खारिज नहीं किया।
धनंजय सिंह ने कहा कि किसी पार्टी के कमजोर दौर को देखकर उसके भविष्य का आकलन नहीं किया जा सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1984-85 में भाजपा केवल दो सीटों तक सीमित थी, लेकिन बाद में वह देश की बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी। उन्होंने कहा कि बहन जी यानी मायावती आज भी क्षेत्रों में निकलकर सक्रिय हो जाएं तो बसपा के परिणाम अलग हो सकते हैं। उनके मुताबिक बसपा का कार्यकर्ता अनुशासित और संगठित है तथा पार्टी का संगठन आज भी मजबूत है।
बसपा को काफी करीब से जानता हूं मैं: धनंजय सिंह
धनंजय सिंह ने कहा कि वह खुद बसपा में रह चुके हैं और पार्टी की कार्यशैली तथा संगठन को करीब से जानते हैं। उन्होंने कहा कि मायावती यदि दोबारा सक्रिय होकर क्षेत्रों में निकलना शुरू कर दें तो माहौल बदल सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि नोएडा से लेकर बलिया तक मायावती यात्रा ही कर लें तो राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव दिखाई दे सकता है। धनंजय सिंह के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मायावती की सक्रियता से 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा एक बार फिर मजबूत वापसी कर सकती है?
विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय हुई बसपा
गौरतलब है कि धनंजय सिंह वर्ष 2009 में जौनपुर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। वहीं, बसपा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर चुकी है और कई सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान भी कर चुकी है।
अब देखना होगा कि धनंजय सिंह के इस बयान के बाद बसपा की सियासत में क्या नया मोड़ आता है और मायावती की सक्रियता को लेकर पार्टी की रणनीति क्या रहती है।

