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Ballia : जिन बच्चों का मां ने छोड़ा साथ, उनका अस्पताल ने थामा हाथ

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बलिया। संसार में मां का दर्जा सबसे ऊपर माना गया है। मां अपने संतान पर आने वाली हर मुसीबत में उसके साथ खड़ी रहती है, लेकिन इसके विपरीत कुछ मां ऐसी भी हैं, जिन्होंने बच्चे को जन्म देकर सुनसान स्थान पर फेंक दिया। ऐसे चार बच्चों का पालनहार जिला महिला अस्पताल बना है। इन बच्चों को स्थानीय पुलिस ने ही जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था।

सीएमएस और डाक्टरों के साथ स्टाफ नर्स पिछले कई माह से उनकी देखभाल कर रहीं हैं। इन बच्चों को बालिका गृह में देने के लिए अस्पताल की ओर से कई बार पत्र दिया गया, लेकिन वहां से कोई पहल नहीं होने के चलते इन बच्चों के देखभाल की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर है। वार्ड में ड्यूटी पर आने वाले चिकित्सक बच्चों की नियमित जांच करते हैं। बच्चों का दूध को गर्म करने के लिए वार्ड में ही किचन बनाया गया है। सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा ने बताया कि बच्चों के संरक्षण को लेकर कई बार जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेजा गया लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

अस्पताल में ही चिकित्सकों ने बच्चों को दिये नाम
पिछले कुछ महीनों में देखरेख के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों का बच्चों के साथ अलग ही लगाव हो गया है। बच्चे भी कुछ खास स्टाफ नर्स और डाक्टरों को पहचानने लगे हैं। उन्हें देखकर बच्चे खिलखिलाते हुए गोद में चले जाते है। ऐसे में बच्चों को पहचानने के लिए सीएमएस और स्टाफ नर्स ने उनका नामकरण भी कर दिया। आठ महीने की बच्ची को डाली, पांच महीने की बच्ची को गुड़िया, चार महीने की बच्ची लाली और चार महीने के बच्चे को गुड्डा के नाम से पुकारा जा रहा है।

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