
रोशन जायसवाल,
बलिया। दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने रविवार को शहर के विभिन्न होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में सघन जांच अभियान चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा और शहर कोतवाल विपिन सिंह के नेतृत्व में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी से होटल कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई संचालक प्रतिष्ठान बंद कर मौके से गायब हो गए, जबकि छापेमारी की सूचना मिलते ही अन्य होटल संचालकों में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा।

प्रशासनिक टीम ने शहर के कई होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों और वैधानिक दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी सामने आने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में सराय एक्ट के तहत 19 गेस्ट हाउस पंजीकृत हैं। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक नियमों का पालन न करने पर महावीर लॉज को सील कर दिया गया। वहीं अन्य होटल एवं गेस्ट हाउस संचालकों को कमियों को दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित अवधि के भीतर कमियां दूर नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

