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Ballia : स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. स्वामीनाथ सिंह की मनायी गयी 48वीं पुण्यतिथि

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सिकंदरपुर (बलिया)।
श्री स्वामीनाथ सिंह सुरेंद्र महाविद्यालय धर्मपुर काज़ीपुर के परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय संस्थापक द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सेनानी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना कुमारी प्रगति एवं कुमारी प्रतीक्षा उपाध्याय व स्वागत गीत कुमारी सानिया खातून एवं गोल्डी यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजधारी ने कहा की शिक्षा के प्रति, समाज के प्रति एवं देश के प्रति अमर सेनानियों के प्रति स्व. स्वामीनाथ सिंह का काफी रुझान था। आदर्श इंटर कॉलेज सिवान कला के स्थापना में उनका प्रमुख योगदान रहा। आजीवन इस कॉलेज के वे अध्यक्ष भी रहे।

उन्होंने जीवन में अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और शिक्षा के प्रति उनके विचारों को सम्मान भी है। नतीजा उनके परिवार के लोगों ने आज उनके नाम पर महाविद्यालय की स्थापना की है, निश्चित रूप से उनके प्रति उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। आजादी के लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिए नतीजा तीन बार जेल भी जा चुके थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक भगवान पाठक ने उन्हें वंचित गरीबों का सच्चा हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि वे आजीवन गरीबों के लिए लड़ते रहे और उनके प्रति गांव में इतनी श्रद्धा थी कि वे आजीवन अपने गांव के प्रधान भी रहे। प्रखर शिक्षा विद डॉक्टर विद्यासागर उपाध्याय ने अपने विचारों को साझा किया उन्होंने बताया की आजादी की लड़ाई लड़ने वाले सेनानियों को उसे समय भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड में जमीन दी जा रही थी जिनको स्व. स्वामीनाथ सिंह जी द्वारा स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने पूरा जीवन बिना किसी लालच के देश की लड़ाई में अपनी अहम भूमिका निभाई और केवल प्रशस्ति पत्र ही प्राप्त की उनके द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर आज के युवाओ को चलने की आवश्यकता है। और उन्हीं सिद्धांतों पर चलकर आज का युवा वर्ग देश का नव निर्माण कर सकता है। जिसका नतीजा है कि 48 वर्षों के बाद भी हम ऐसे महापुरुष को याद कर रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के संस्कृतिक कार्यक्रमों का छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजन किया गया जिसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। श्रद्धांजलि गीत के रूप में कुमारी सोनाली राज के द्वाराष् धन जन भरल बा कोठा अटरिया स्वामीनाथ सिंह कहां पे बाबा दोनों रति कीर्ति गवा ई गीत को भाव विभोर होकर भी हुआ अंदाज में प्रस्तुति दी, जिससे समस्त उपस्थित जनमानस के आंखों में आंसू आ गए। वही विश्वविद्यालय स्तर पर श्रेष्ठता सूची में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्राओं को महाविद्यालय द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। आये हुए अतिथियों का माल्यार्पण एवं अंग वस्त्रम द्वारा महाविद्यालय परिवार के तरफ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजदेव सिंह, सुरेश सिंह, स्वामीनाथ राजभर, राम प्रसाद लेखपाल, धनंजय राय, राजकुमार मल्ल, सुरेंद्रनाथ पांडेय, सुनील कुमार राय, अजीत तिवारी, जितेंद्र पाल, चित्रलेखा तिवारी, अश्विनी सिंह, कामेश्वर प्रसाद आदि लोगों ने संबोधित किया। श्रद्धांजलि सभा में आए हुए अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्रबंधक दिनेश सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामाशंकर दूबे एवं संचालन बृजेंद्र श्रीवास्तव ने किया।
रमेश जायसवाल

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