सटीक जनगणना से विकास को मिलेगी नई दिशा: डीएम
बलिया। भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत सोमवार को सेंट जेवियर्स स्कूल, धरहरा में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना के महत्व, आंकड़ों के संकलन और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में जनसंख्या से संबंधित आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही विकास की योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए जनगणना का कार्य पूरी सावधानी, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद में साक्षरता की स्थिति सहित विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं से संबंधित आंकड़ों का सही संकलन आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश के विकास और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि कितने लोगों के पास आवास की सुविधा है, किन परिवारों को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा लोगों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति कैसी है। इन जानकारियों के आधार पर सरकार जरूरतमंद लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी नीतियां बना सकेगी।

1 से 40 तक के प्रश्नों तथा आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य निर्धारित प्रावधानों और संबंधित आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाना चाहिए। प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को बताया गया कि घर-घर जाकर निर्धारित प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक जानकारी एकत्र करनी है और उसे सही तरीके से दर्ज करना है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से संबंधित 1 से 40 तक के प्रश्नों तथा आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को 50-50 के समूहों में प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से जनगणना का द्वितीय चरण भी व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
उन्होंने सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों से अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं को दिशा देंगे। विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में इन आंकड़ों की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर एडीएम अनिल कुमार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
