
पूर्वांचल की सियासत में दयाशंकर सिंह का कद लगातार चर्चा में
रोशन जायसवाल,
बलिया। बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र की सियासत में इन दिनों एक सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है, भाजपा के पास दयाशंकर सिंह के अलावा इतना बड़ा क्षत्रिय चेहरा कौन है?
योगी सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को लेकर बलिया ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में भी चर्चा तेज है। बलिया आजकल ने पूर्वांचल के कई प्रमुख जिलों गाजीपुर, आजमगढ़, देवरिया, गोरखपुर, वाराणसी, मऊ, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, कुशीनगर और प्रयागराज की राजनीतिक तस्वीर पर नजर दौड़ाई। मौजूदा योगी सरकार में इन जिलों से क्षत्रिय समाज के प्रभावशाली मंत्री चेहरे की संख्या बेहद सीमित नजर आती है।
ऐसे में बलिया के दयाशंकर सिंह का राजनीतिक कद और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वह सिर्फ बलिया नगर के विधायक नहीं, बल्कि योगी सरकार में परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री भी हैं। दयाशंकर सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनके समर्थकों के मुताबिक उनकी सक्रियता है। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि वह दिन-रात लगातार दौरे करते हैं, कम आराम करते हैं और ज्यादा समय लोगों के बीच बिताते हैं। बलिया हो या लखनऊ, उनके आवास और कार्यालय पर मिलने वालों की भीड़ अक्सर दिखाई देती है।
उनके समर्थक यह भी कहते हैं कि कोई व्यक्ति काम लेकर पहुंचता है तो मंत्री जी सीधे तौर पर ‘ना‘ कहने के बजाय रास्ता निकालने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि संगठन, कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच उनकी सक्रियता लगातार चर्चा में रहती है। 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच बलिया नगर की राजनीति में यह सवाल भी महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा दयाशंकर सिंह के चेहरे को किस तरह आगे रखती है। फिलहाल इतना जरूर है कि पूर्वांचल की भाजपा राजनीति में दयाशंकर सिंह एक प्रमुख क्षत्रिय चेहरे के तौर पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

