
रोशन जायसवाल,
बलिया जिले के दो महत्वपूर्ण सेतु उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ते हैं। दोनों पुलों पर वर्षों से आवागमन जारी है, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आज तक इन दोनों महत्वपूर्ण सेतुओं का विधिवत उद्घाटन नहीं हो सका।
बैरिया-छपरा मार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर बना जयप्रभा सेतु आज भी दोनों राज्यों के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। वर्ष 2001 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी के प्रयासों से इस सेतु का निर्माण हुआ था। आज इसी पुल से लोग बलिया से छपरा और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों तक आते-जाते हैं।

दूसरी ओर, बलिया के शिवपुर दियारा मार्ग पर गंगा नदी के ऊपर बना जनेश्वर मिश्र सेतु भी उत्तर प्रदेश को बिहार से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण पुल है। पूर्व मंत्री नारद राय के प्रयासों से इस सेतु का निर्माण कराया गया। पुल बनने के बाद आवागमन शुरू हो गया और क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली।
विडंबना देखिए कि जिन पुलों से रोजाना हजारों लोग सफर कर रहे हैं, जिनसे व्यापार, रोजगार और लोगों की आवाजाही आसान हुई है, उन्हीं पुलों का औपचारिक उद्घाटन आज तक नहीं हो सका।
बलिया की विकास यात्रा में यह अपने आप में एक बड़ी तस्वीर माने जाने वाली यह पुल जनता के लिए खुल गया, आवागमन शुरू हो गया, लेकिन उद्घाटन की औपचारिकता आज भी बाकी है। चाहे छपरा की ओर जाना हो या बिहार के चक्की दियारा क्षेत्र तक पहुंचना हो, इन सेतुओं से रोजाना लोगों की आवाजाही होती है। अब सवाल यही है कि आखिर इन दोनों महत्वपूर्ण सेतुओं के उद्घाटन का इंतजार कब खत्म होगा?

