
हरेराम यादव,
मझौंवा (बलिया)। गंगा नदी के जलस्तर में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी घटाव दर्ज किया गया। इसके बावजूद तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बना हुआ है। गंगा पार नौरंगा से चक्की नौरंगा जाने वाले कच्चे मार्ग का कई स्थानों पर कटाव के कारण हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे नौरंगा के एक पुरवे का आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मार्ग की मरम्मत करा दी जाए तो आवागमन सुचारु हो सकता है। उनका कहना है कि गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा तो क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत करना और मुश्किल हो जाएगा।
इधर, क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश अंचल ने बुधवार को फोन पर गंगा पार नौरंगा, भुवाल छपरा, चक्की नौरंगा समेत नदी किनारे बसे गांवों की बाढ़ और कटान की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उन्होंने बाढ़ विभाग के एक्सईएन एसके प्रियदर्शी से फोन पर बात कर बोरी डालकर मार्ग को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। इस दौरान संजय चौधरी, मुन्ना यादव समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
खतरे के निशान से ऊपर गंगा
केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार बुधवार शाम गंगा के जलस्तर में तीन घंटे में एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। जलस्तर 58.360 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का बिंदु 57.615 मीटर है। पूर्वानुमान के अनुसार जलस्तर 58.900 मीटर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

