
बैरिया (बलिया)। तहसील क्षेत्र की उत्तर दिशा में बहने वाली सरयू और दक्षिण दिशा में बहने वाली गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती गांवों में हलचल बढ़ गई है। दोनों नदियां उफान पर हैं और पानी खेतों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
गायघाट स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बुधवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 56.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर 56.32 मीटर था। इस तरह 16 घंटे में 58 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। गंगा करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। फिलहाल जलस्तर खतरा बिंदु से 0.715 मीटर नीचे है। वर्ष 2016 में यहां गंगा का उच्चतम जलस्तर 60.39 मीटर दर्ज किया गया था।
उधर, चांदपुर गेज से बुधवार सुबह आठ बजे जारी सूचना के मुताबिक सरयू का जलस्तर 58.50 मीटर पहुंच गया है। मंगलवार शाम चार बजे यह 57.85 मीटर था। यानी 16 घंटे में सरयू के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। चांदपुर में खतरा बिंदु 58 मीटर है। सरयू खतरा बिंदु से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। वर्ष 1982 में यहां सरयू का सर्वाधिक जलस्तर 66 मीटर दर्ज किया गया था।
100 बीघा में डूबी परवल की फसल
बैरिया। जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है। बताया गया कि करीब 100 बीघा में लगी परवल की फसल पानी में डूब गई है। गंगा सरयू का पानी अपने पेटे से निकलकर गंगा और सरयू के तटवर्ती दियारा क्षेत्र के खेतों को डुबोता हुआ आबादी की ओर बढ़ रहा है। इससे किसानों और तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
तहसील प्रशासन ने जारी किया हाई एलर्ट
बैरिया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैरिया तहसील प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। नाविकों को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन नदी के जलस्तर और तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
तटवर्ती गांवों के लोगों का कहना है कि 15 सितंबर तक गंगा में बाढ़ और कटान का खतरा बना रहता है। ऐसे में दोनों नदियों के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
लोगों को सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने की दी गई है सूचना
इस संबंध में उपजिलाधिकारी शशिभूषण मिश्रा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित सुरेमनपुर दियराचंल के सरयू नदी के तटवर्ती इलाके व गंगा के तटवर्ती इलाको मे ध्वनि विस्तारक यंत्र से प्रचार कराया गया है कि दोनों नदियां उफान पर है। क्षेत्र के बाढ़ से डूब जाने की आशंका है। ऐसे में आप सभी तटवर्ती लोग सुरक्षित स्थानों पर अपने परिवार मवेशियों व सामान के साथ शरण ले ले। गोपाल नगर पंचायत भवन, रामबालक बाबा के मठिया तथा दुबे छपरा में एक निजी विद्यालय को बाढ़ राहत केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। वहां पर सभी मानवीय सेवाएं प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया है। वही सरयू के तटवर्ती इलाकों में 25 नाव व गंगा के तटवर्ती इलाकों में 10 नाव को तैनात कर दिया गया है। अगर थोड़ा सा भी जलस्तर और बढ़ता है। तो इन नावों को सक्रिय कर दिया जाएगा। सभी क्षेत्रिय लेखपालों व राजस्व निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र के तटवर्ती इलाके में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जिला प्रशासन व अन्य राहत एजेंसी को यहां की स्थिति से अवगत करा दिया गया है।

