
विधायक केतकी सिंह ने सड़क पर दिया धरना
बलिया। बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शाहपुर (सहपुरवा) गांव में गुरुवार सुबह हाईटेंशन बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से खेत में जा रहे पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। एकलौते बेटे को करंट की चपेट में आया देख पिता उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गए। हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मौके पर पहुंचीं विधायक केतकी सिंह ग्रामीणों के साथ बांसडीह-बलिया मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गईं। अधिकारियों द्वारा पीड़ित परिवार की एकमात्र बची बेटी को नौकरी, आर्थिक सहायता और दोषी बिजली अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।

शाहपुर (सहपुरवा) गांव निवासी जनार्दन यादव (58) अपने एकलौते पुत्र राजेश यादव (24) के साथ गुरुवार सुबह खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खेत में 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटा पड़ा था। तार की चपेट में आने से राजेश तड़पने लगे। बेटे को करंट की चपेट में आया देख जनार्दन यादव उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि राजेश ने पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) की परीक्षा पास की थी।
‘पहले वीडियो भेजो, फिर काटेंगे लाइन’… ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार हादसे के बाद जब पिता-पुत्र करंट से तड़प रहे थे, तो विद्युत आपूर्ति बंद कराने के लिए टकरसन विद्युत फीडर पर फोन किया गया। आरोप है कि वहां मौजूद एसएसओ ने तत्काल बिजली काटने के बजाय पहले टूटे तार का वीडियो बनाकर व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति बंद कराने में हुई देरी के कारण पिता-पुत्र को बचाने का मौका नहीं मिल सका। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

विधायक केतकी सिंह ने अधिकारियों को मौके पर बुलाया
विधायक केतकी सिंह का गुस्सा भी अधिकारियों पर फूट पड़ा। उन्होंने बिजली विभाग के एक्सईएन पंकज भारती को मौके पर खींचकर पीड़िता लड़की सीमा यादव के घर के सामने खड़ा किया और बिजली विभाग की इस बेरुखी पर कड़ा ऐतराज जताया। मौके से ही विधायक ने उर्जा मंत्री ए के शर्मा से बातचीत कर मामले की जानकारी दी। धरना स्थल पर विधायक केतकी सिंह व अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रशासन ने दोषी कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने , पीड़ित बेटी को नौकरी व आर्थिक सहायता देने तथा गांव में बिजली के तारों को ठीक करने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।

अधिकारियों के समक्ष यह रखीं मांगें
अधिकारियों के साथ बातचीत में मृतक की बेटी सीमा यादव को नौकरी और आर्थिक सहायता देने, दोषी विद्युत कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने तथा गांव में बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद विधायक और ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
मां पहले ही गुजर चुकी, अब घर में अकेली बची सीमा
राजेश की मां का कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। पिता और भाई की एक साथ मौत के बाद परिवार में अब सीमा यादव ही अकेली बची हैं। हादसे ने एक ही झटके में उनसे पिता का साया और भाई का सहारा छीन लिया। परिवार की स्थिति यह है कि दोनों शवों को मुखाग्नि देने वाला कोई पुरुष वारिस भी नहीं बचा है।
एसएसओ, जेई और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा
बांसडीहरोड पुलिस ने मृतक की बेटी सीमा यादव की तहरीर पर टकरसन विद्युत उपकेंद्र के एसएसओ, जेई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
इस दौरान सपा नेता रंजीत चौधरी, विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह, पंकज सिंह,बबुआ सिंह, मंटू यादव, राकेश वर्मा, प्रतुल ओझा, अभिजीत तिवारी बब्लू आदि थे।

